प्रिय पाठकों,
मीडिया मैप की तरफ से,
भारतीय नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मैं आपको एवं आपके परिवार को शुभकामनाएं देता हूँ।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की यह पावन तिथि हमारी प्राचीन वैज्ञानिक कालगणना पद्धति का मान-बिन्दु है। आज से नवीन युगाब्द वर्ष, 5128 एवं नव विक्रम संवत्सर, 2083 का शुभारंभ हो रहा है। यह प्राचीन कालगणना हजारों वर्ष की हमारी सांस्कृतिक जीवंतता का एक प्रमाण भी है।
आज से, अगले 9 दिनों तक हम चैत्र नवरात्रि का उत्सव भी मनाएंगे। नवरात्रि का यह पर्व हमें शक्ति और साधना के साथ-साथ त्याग और तितिक्षा का अवसर भी देता है। अनेक साधक इस दौरान आहार और सुविधाओं को छोड़कर अनुशासन और संयम के मार्ग पर चलते हैं। नवरात्रि का यह पर्व शक्ति के विविध 9 स्वरूपों की साधना का पर्व भी है।
यह हमारे उपनिषदों के उस "एकोऽहं बहुस्याम्" विचार का प्रतिबिंब है, जो हमें एक ही ईश्वर को अनेक रूपों में देखने की दृष्टि देता है। यह दृष्टि ही भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ के रूप में स्थापित करती है और ‘विविधता में एकता’ को हमारा सहज स्वभाव बनाती है।
नवरात्रि के इस पावन पर्व पर, मैं माता आदिशक्ति से समस्त देशवासियों के कल्याण की कामना करता हूं।
आपका,
प्रदीप माथुर
चेयरमैन
मीडिया मैप
We must explain to you how all seds this mistakens idea off denouncing pleasures and praising pain was born and I will give you a completed accounts..
Contact Us